मेरा भारत महान पर निबंध |Mera Bharat Mahaan Essay in Hindi |Mera Bharat Mahaan Nibandh

Mera Bharat Mahaan Essay in Hindi |Mera Bharat Mahaan Nibandh

अभी संसार में सभ्यता का सूर्योदय भी नहीं हुआ था, जब भारत के ऋषि वेदों की रचना कर रहे थे। ऋषिमुनियों ने सर्वप्रथम ज्ञान का प्रकाश देकर विश्व के मनुष्य को जीवन का पथ दिखाया था। उपनिषदों के ज्ञान से मानवता को नया दर्शन मिला था। जिस देश में गंगा बहती है, वही भारतवर्ष मेरा देश है। उत्तर में संसार का सबसे ऊँचा पर्वत हिमालय अपनी रुपहली चोटियों के साथ हीरे और चाँदी के श्वेत मुकुट के समान इसके मस्तक की शोभा बढ़ा रहा है ।

गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्रसिन्धु जैसी नदियाँ इसके गले में मोतियों की माला की तरह शोभा देती हैं। हिन्द महासागर की शीत लहरें प्रतिक्षण इसके चरण कमलों को धोकर प्रशंसा के मधुर गीत गाया करती हैं । बद्रीनाथ, केदारनाथ जगन्नाथ पुरी गया, वाराणसी, प्रयाग, द्वारका, रामेश्वरम जैसे महान और पवित्र तीर्थस्थान इसके अंक में बसे हुए हैं, वही भारत मेरा देश है

प्रकृति का समस्त सौन्दर्य जिस देश की स्थायी सम्पत्ति है, पृथ्वी का स्वर्ग कश्मीर जिसे केसर के फूल भेंट करता है, संसार का आठवाँ आश्चर्य ताजमहल जिसकी कला का विज्ञापन विश्व-भर में किया करता है, अजन्ता और ऐलोरा की विख्यात गुफाएँ जिसके अतीव गौरव को सँजोए हुए हैं, महाराष्ट्र की भूमि, राजस्थान का इतिहास, बंगाल और पंजाब की वीर- गाथाएँ जिसकी स्वतन्त्रता की साक्षी हैं वही मेरा देश है । कुरुक्षेत्र अयोध्या, मथुरानालन्दा, लखनऊ, दिल्ली जैसी नगरियों में जिसकी विविध पुण्यस्मृतियाँ आज भी जीती-जागती हैं, वही रामकृष्ण, बुद्ध और नानक की जन्मभूमि मेरा देश भारतवर्ष को जगद्गुरु की उपाधि मिली थी। इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था।

संसार के कोनेकोने से विद्यार्थी यहाँ विद्या ग्रहण करते थे। अशोक, विक्रमादित्य, हर्ष, स्कंदगुप्त जैसे चक्रवर्ती सम्राट् इसके रक्षक थे। वाल्मीकि, कालिदास तुलसीदास, सूरदास आदि महाकवियों ने इसी का अन्नजल खाकर विश्व के अमर साहित्य की रचना की थी। राणा प्रताप और शिवाजी ने इसकी मानमर्यादा के लिए जीवनभर तपस्या की थी। लक्ष्मीबाई तांत्या टोपे से लेकर तिलक, गांधी, सुभाष और भगत सिंह जैसे वीर सपूतों ने जिसको विदेशी शासन से मुक्त कराने के लिए स्वतन्त्रता संग्राम में अपना तन मन धन न्योछावर कर दिया, मैं उसी देश का वासी हैं। आज मेरा भारतवर्ष विश्व का एक विशाल प्रजातन्त्रात्मक गणराज्य है । यह देश विकास की सीढ़ी पर धीरे धीरे परन्तु दृढ़ता के साथ आगे बढ़ता ही जा रहा है ।

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