होली पर निबंध |Holi Essay in Hindi |Holi Nibandh

Holi Essay in Hindi |Holi Nibandh

Essay on Holi होली 100 Word
होली का त्यौहार फागुन महीने की पूर्णमासी को मनाया जाता है । इसमें एक दूसरे पर रंग डालते हैं, सूखा रंग मलते हैं । रंग पानी में घोलकर पिचकारी चलाने से बड़ा आनन्द आता है । सबके मन मस्त हो जाते हैं। लोग नाचतेगाते और स्वांग रचते हैं । आपस में गले मिलते हैं । कई बच्चे और कई बड़े भी, मिट्टी उड़ाते, कालिख मलते, गालियां निकालते, भद्दे शब्द बोलते हैं । कभी कभी लड़ाई झगड़ा हो जाता है ।

कुछ लोग नशा पीते हैं । ये बुरी बातें हैं ।होली खुशी मनाने का पर्व है। इस दिन पुराना | बैर भुलाना चाहिए। रूठे हुए को मनाना चाहिये। इस समय चने के खेत लहलहा रहे होते हैं । होल के दिन चने की होला भी भूनते हैं । कहते हैं कि हिरण्यकश्यप की बहन होलिका थी। अत्याचारी हिरण्यकश्यप के कहने पर होलिका प्रलाद को गोद में | लेकर चिता में बैठ गई थी। पर होलिका तो जल गई प्रलाद बच गया । होली उस प्राचीन घटना की भी याद दिलाती है ।

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