स्वतंत्रता दिवस पर निबंध |Independence day Essay in Hindi |Independence day Nibandh

Independence day Essay in Hindi |Independence day Nibandh

Essay on Independence Day in Hindi (500 words)

स्वतंत्रता का महत्व तो वही व्यक्ति जान सकता है, जो गुलाम हो या कैद में हो। जब भारत पर अंग्रेज़ों का शासन था और हम गुलाम थे तब हमें हर काम के लिए अंग्रेज़ों की अनुमति लेनी पड़ती थी। हम अपनी मर्जी से आज़ादी से नहीं जी सकते थे। वो गुलामी का ही दौर था जब अंग्रेज़ों ने अफ्रीका में गाँधीजी को ट्रेन के फर्स्ट क्लास के डिब्बे से उतार दिया था। अंग्रेज़ अपने समक्ष भारतीयों को तुच्छ समझते थे। वे भारतीयों को हमेशा ‘काला आदमी’ (ब्लैक मैन) कहते थे। गुलामी के समय में प्रत्येक भारतीय ने इतना अपमान और पीड़ा सही है, जिसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। अंग्रेज़ बात-बात पर भारतीयों पर कोड़े बरसाते थे, उन्हें कारागार में डाल देते थे, काला पानी (अण्डमाननिकोबार) भेज देते थे और सरेआम पेड़ से लटकाकर फाँसी पर लटका देते थे। अंग्रेज़ों के सामने कोई भी अपना मुंह नहीं खोल सकता था, क्योंकि भारतीय के मुंह खोलते ही अंग्रेज़ क्रोध से लाल-पीले हो जाते थे और घटनास्थल पर ही सज़ा दे देते थे।

जलियाँवाला काण्ड अंग्रेज़ों की क्रूरता का ही एक परिणाम था। तब भारतीयों को स्वतंत्रता के महत्व का अहसास हुआ। उसके बाद उन्होंने अंग्रेज़ों की दासतां से स्वतंत्र होने के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया। और वे स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े1 स्वतंत्रता के महत्व को अनुभव करने के बाद भारत का बच्चा-बच्चा अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा हो गया अनपढ़ से लेकर सुशिक्षित-सभी स्वतंत्र होने के लिए एकजुट हो गए फिर तमाम सत्याग्रह और आंदोलन चलाए गएहज़ारों-लाखों बच्चेबूढ़े और युवाओं को जेल जाना पड़े और अंग्रेज़ों की लाठियाँ खानी पड़ीं। लाला लाजपतराय अंग्रेज़ों के लाठी प्रहार से ही शहीद हुए थे। अंग्रेज़ों से स्वतंत्र होने के लिए ही भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और सुखदेव हंसतेहंसते फाँसी पर चढ़ गए थे। भारत की आज़ादी के लिए ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत छोड़कर जर्मन जाना पड़ा था। और वहाँ वे ‘आज़ाद हिन्द’ फौज बनाकर अंग्रेज़ों के विरुद्ध लड़े थे। जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गाँधी, सरदार पटेल आदि अनेकों देशभक्त अपना सब कुछ त्यागकर भारत को स्वतंत्र कराने में जुट गये थे। तब जाकर 15 अगस्त1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और हमें आजादी मिली।

निष्कर्षत: अब हमें स्वतंत्रता का महत्व समझना होगा और इस आज़ादी को कायम रखने के लिए हमें देशभक्ति से पूरी ईमानदारी से देश के विकास के लिए कार्य करने होंगे। देश से छुआछूत और रूढ़िवादियों को मिटाना होगा तथा अपने देश (भारत) के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने के लिए हर वक्त तैयार रहना होगा तभी हम देश की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रख सकेंगे

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