वर्षा ऋतु पर निबंध |Rainy Season Essay in Hindi |Rainy Season Nibandh

Rainy Season Essay in Hindi |Rainy Season Nibandh

धरती तप रही थी एवं सूर्य आग उगल रहा था। पेड़पौधे सूख रहे थे एवं पशु-पक्षी बेहाल थे। हर व्यक्ति मानसून की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा था। तभी आश्चर्यजनक रुप से मौसम में बदलाव आया।. आकाश बादलों से घिर गया। तेज़ हवा एवं गड़गड़ाहट के मध्य वर्षा की बूंदे पड़ने लगी। मिट्टी की सौंधी सुगन्ध साँसों को महकाने लगी। पेड़-पौधों में नया जीवन आ गया। बारिश ने इमारतों एवं सड़कों को धोकर चमका दिया। सभी ओर हर्ष उल्लास फैल गया। लोग घर के बाहर निकलकर वर्षा का आनन्द उठाने लगे। लोगों के रंगबिरंगे छाते एवं बरसातियाँ एक अलग ही दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे।

चिड़ियों ने चहचाहना प्रारम्भ कर दिया एवं मोर नाचने लगे। हर व्यक्ति वर्षा के रंग में सरोबार हो गया। बारिश के रुकने पर आकाश में एक बड़ा सा इन्द्रधनुष दिखाई पड़ा। बारिश का वह दिन किसी एक स्वप्न की तरह था।

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