चिड़ियाघर की सैर पर निबंध |Zoo Tour Essay in Hindi |Zoo Tour Nibandh

Zoo Tour Essay in Hindi |Zoo Tour Nibandh

गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थीं। मैंने तथा मेरे कुछ मित्रों ने चिड़ियाघर की सैर का कार्यक्रम बनाया। हम लोग पटना के संजय गाँधी जैविक उद्यान में सुबह साढ़े दस बजे पहुँच गएवहाँ काफी चहलपहल थी। सर्वप्रथम हम लोगों ने गजराज के दर्शन किएवे ठंड का संचालन कर पीपल के हरे पत्तों का स्वाद ले रहे थे। हाथी पर सवार बच्चे फूले नहीं समा रहे थे। आगे बढ़े तो बंदरों और लंगूरों की उछलकूद का नजारा देखा। अब शीशे के घरों में कैद नागों की बारी थी। नागराज कुंडली मारे ध्यानमग्न मुद्रा में थे तो अजगर कुंभकर्णी निद्रा में सोया हुआ था। वहाँ कुछ जहरीले बिच्छू भी थे।

उन्हें देखकर हम सिहर उठे। उद्यान में भालू, चीता, शेर, हिरन, गुंडा जेबरा और विचित्र रंगों वाले पक्षी भी थे। हमने उन सबको देखा। मादा जेबरे ने एक शिशु को जन्म दिया था। उस शिशु की उछलकूद आगंतुकों को बेहद लुभा रही थी। अंत में हमने उद्यान में विश्राम किया और साथ लाया हुआ नाश्ता कियातत्पश्चात् हम लोग घर की ओर रवाना हो गए ये ही थे

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