महात्मा गांधी पर निबंध |Mahatma Gandhi Essay in Hindi |Mahatma Gandhi Nibandh

Mahatma Gandhi Essay in Hindi |Mahatma Gandhi Nibandh

1915 ई. में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने पर उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने अंग्रेजों के रोलट एक्ट का विरोध किया। सम्पूर्ण राष्ट्र ने उनका साथ दिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया। वे अनेक बार जेल भी गए। उन्होंने सत्याग्रह भी किएबिहार का नील सत्याग्रह, डाण्डी यात्रा या नमक सत्याग्रह व खेड़ा का किसान सत्याग्रह गांधीजी के जीवन के प्रमुख सत्याग्रह हैं। गांधीजी ने भारतीयों पर स्वदेशी अपनाने के लिए जोर डाला। उन्होंने सन् 1942 में “भारत छोड़ो” आंदोलन चलाया । गांधीजी के अथक प्रयत्नों से 15 अगस्त1947 को भारत स्वतंत्र हुआ। गांधीजी भारत को एक आदर्श रामराज्य के रूप में देखना चाहते थे। गांधीजी छुआछूत में विश्वास नहीं रखते थे। उनका सारा जीवन अछूतोद्धार ग्राम सुधारनारी शिक्षा और हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए संघर्ष करने में बीता। 30 जनवरी सन् 1948 को दिल्ली की एक प्रार्थनासभा में जाते समय नाथूराम गोडसे ने गांधीजी पर गोलियां चला दीं। उन्होंने वहीं पर ‘हे रामकहते हुए अपने प्राण त्याग दिए। गांधीजी मर कर भी अमर हैं।

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