विज्ञान और तकनीकी पर निबंध | Science and Technology Essay in Hindi | Science and Technology Nibandh

 Science and Technology Essay in Hindi | Science and Technology Nibandh

इक्कीसवीं सदी के विद्यार्थी अपने विकास के लिये सूचना प्रौधोगिकी को एक अति उपयोगी साधन के रूप में पायेंगे। कम्प्यूटर, ‘इन्टरनेट एवं सूचना प्राधौगिकी (आईटी) के आपस में निकट सम्बन्ध हैं। नयी शताब्दी विश्व के कुशल एवं सक्षम नागरिकों की होगी। अतविद्यार्थियों के इस विशाल क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिये कठिन श्रम करना होगा।

विद्यार्थी कम्प्यूटर संचालन की शिक्षा प्राप्त करके आईटी. का प्रयोग कर सकते हैं। कम्प्यूटर एक सफल यंत्र है। इसका प्रयोग विद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में सिखाये जाने वाले पाठयक्रम को सीखने के लिये भी किया जा सकता है। गणित, विज्ञान, चित्रकला, ललितकला, पेंटिग इतिहास नागरिक-शास्त्र एवं अन्य जैव विषयों का अध्ययन शैक्षिक ‘काम्पेक्ट डिस्क’ (सी. डी) की सहायता से किया जा सकता है। इस संदर्भ में अध्यापक भी विद्यार्थियों का पथ प्रदर्शन कर सकते है। इसके अतिरिक्त कम्प्यूटर शौक एवं मनोरंजन के लिये भी बहुत उपयोगी हैं।

उच्च स्तरीय खेल कम्प्यूटर पर खेले जा सकते है। और अगर कम्प्यूटर का ‘मॉनीटर’ बड़ा एवं रंगीन है तो वह कम्प्यूटर के खेलों के रोमान्च को अधिक महसूस कर सकेंगे। (कार रेस) इत्यादि गेम खेलने से विद्यार्थी की एकाग्रता एवं कुशलता में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त यह खेल विद्यार्थी दिन या रात किसी भी समय खेल सकता है, जिससे परिवार के किसी अन्य सदस्य को कोई परेशानी भी नहीं होगी।

जिन विद्यार्थियों के मातापिता ने ‘इन्टरनेट की सुविधा मुहैया कराई हुई है वह इन्टरनेट पर उपलब्ध विभिन्न वेब साइटों पर जाकर हर प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अच्छी वेबसाइट पर ही ‘स’ करना चाहिये ताकि केवल अच्छे स्तर की उपयोगी जानकारी ही उनके द्वारा एकत्र हो।  अगर विद्यार्थी बिना मतलब ‘इन्टरनेट साइट’ पर घूमते रहते हैं तो वह न केवल अपना बल्कि ‘इन्टरनेट’ का भी समय व्यर्थ करते हैं। और बदले में उन्हें लम्बे-चौड़े टेलिफोन के बिल प्राप्त होंगे। ‘इन्टरनेट पर बहुत सारी शिक्षाप्रद साइट मौजूद हैं।

कुछ वेब साइट से सूचनायें एवं लेखों को ‘डाउन लोड’ भी किया जा सकता है जिससे तात्पर्य है कि अगर विद्यार्थी के पास कम्प्यूटर के साथ प्रिंटर की भी सुविधा उपलब्ध है तो वह सूचनाओं को कागज पर प्रिंट भी कर सकता है। आईटी. (सूचना प्राद्यौगिकी) आने वाले समय का खेल है। सूचना से तात्पर्य है ज्ञान एवं विद्यार्थी जानता है यही शक्ति है।

सत्तर और अस्सी के दशक में सूचनायें उपलब्ध नहीं थीं। किन्तु आजकल इनकी बहुलता है। विद्यार्थी को हस की तरह सही तरह की सूचनायें चुननी हैं एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनका उपयोग करना है। यह कोई आसान काम नहीं है क्योंकि इन्टरनेट पर बहुत सी सूचनायें एवं आंकड़े प्रचारित होते हैं। एवं कम्प्यूटर विद्यार्थी के लिये उतने उपयोगी नहीं हैं।

सूचना प्राधौगिकी के अन्य साधन है सेलूलर फोन, ईमेल (इन्टरनेट व्यवस्था के अन्तर्गत), फैक्स मशीनें, टेलिफोन, कम्प्यूटर खेलों एवं शिक्षा से सम्बन्धित पत्रिकायेंयेलो पेजेसम्यूजिक,कैसेटसपुस्तकें, सी.डी, विश्वकोश एवं समाचार पत्र। यह सभी साधन विद्यार्थी को अधिक जानकारी प्राप्त करने में मदद करते हैं। और जिस विद्यार्थी के पास अधिक सूचनायें अधिक ज्ञान होगा वह जीवन में अपना अच्छा करियर बनाने में सफल होगा। उन्हें शैक्षिक क्षेत्र में अपनी इस जानकारी का प्रयोग करना चाहिये।

वह विश्व के बारे में, इसके लोगों के बारे में और उनके परिवेश एवं पर्यावरण में अधिक जानकारी पाने में समर्थ होगे। सूचना प्राधौगिकी के कारण विश्व एक छोटा सा गाँव बन गया है। इस बदले हुये परिवेश में विद्यार्थी अपनी क्षमताओं अपने जीवन लक्ष्यों एवं अपने समाज जिसमें वह रहते हैं के बारे में अधिक जागरूक होंगे।

आईटी युग का स्वागत है। हम सूचना एवं उपलब्धि के इस महायुग में आपके सफल प्रयासों की कामना करते हैं।

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