कुत्ता पर निबंध |Dog Essay in Hindi |Dog Nibandh

Dog Essay in Hindi |Dog Nibandh

कुत्ता पर निबंध Essay on Dog

कुत्ता दो से चार फुट तक ऊंचा होता है । इसके दांत बड़े तीखे होते हैं । इसकी चार टांगें होती हैं । वे पतली-सी होती हैं । पर यह दौड़ता बहुत तेज है । इसके पंजों के नाखून तेज होते हैं ।

कुत्ते की आंखों में चमक होती है । इसकी जीभ लम्बी होती है । यह जीभ को मुंह से बाहर निकाल कर सास लेता रहता है । दिन में कई बार नींद में पड़ा सोता है । जरासी आहट पाते ही तुरन्त जाग पड़ता है । रात को बड़ा चौकस रहता है । जरा आवाज आ तो भौंकने लगता है। कुत्ते के काटने से जहर चढ़ जाता है । याद ठाक इलाज न हो सके, तो बावले कुत्ते का काटा मनुष्य मर जाता है। एक कुत्ता दूसरे कुत्ते को देखकर लड़ पड़ता है । कुत्ते और बिल्ली का जन्म से ही वैर होता

कुत्ता अपने स्वामी का सच्चा सेवक होता है । कुत्ता घर के लोगों से बहुत हिलमिल जाता है । उनके पास आकर पूंछ हिलाने लगता है । घर के बच्चे कान पकड़ ल, ऊपर चढ़कर सवारी करें, तो भी उन्हें कुछ नहीं कहता। पर औरों को देखते ही ऐसा भौंकता है। कि वे डर जाते हैं । कुत्ते से चोर बहुत घबराते हैं ।

कुत्ता पर निबंध Essay on Dog

कुत्ता एक स्वामिभक्त पशु है। मनुष्य और कुत्ते का साथ बहुत पुराने समय से चला आ रहा है। कुत्ता अपने स्वामी का कहना मानता है। वह दुम हिलाकर तथा भौंककर अपने स्वामी के प्रति वफादारी प्रकट करता है। वह चोरों एवं अवांछित व्यक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है। पुलिस अपराधियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों को पालती है। कुत्ता सर्वाहारी जीव है। वह मांसमछली, अंडाडबलरोटी, सब्जी आदि खाता है। बहुत से लोग कुत्तों को पालते हैं तथा हर तरह से उसकी देखभाल करते हैं। उसके रहने, खानेटहलने इत्यादि का उचित प्रबन्ध किया जाता है। अनेक कुत्ते दूसरों के द्वारा फेंके गए भोजन पर आश्रित होते हैं। ये जिस गली या मोहल्ले में रहते हैं, स्वयंसेवक की तरह वहाँ की रक्षा का दायित्व संभालते हैं। लेकिन पागल या बिगड़े हुए आवारा कुत्ते मनुष्यों के लिए हानिकारक सिद्ध होते हैं। ऐसे कुत्तों के इलाज की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।

कुत्ता पर निबंध Essay on Dog

एक बार की बात है कि एक कुत्ता बड़ा भूखा था। वह कई घरों के दरवाजे पर गया । पर उसे कहीं से कुछ न मिला। आखिर एक स्त्री ने उसे रोटी का एक टुकड़ा दिया। वह उस टुकड़े को लेकर एकांत में खाने के लिए एक छोटी-सी नदी के पास गया। जब वह उस नदी पर पुल की तरह रखे हुए शहतीर को पार करने लगा तो उसने पानी में अपनी परछाई देखी। उसने समझा कि वह कोई दूसरा कुत्ता है और उसके मुंह में रोटी है । वह उस रोटी को लेने के लिए ललचा उठा । क्रोध में भरकर भौंकने लगा । ज्योंही उसने मुंह खोला कि उसके अपने मुंह की रोटी पानी में गिर पड़ी और डूब गई । कुत्ता बड़ा दु:खी हुआ। पर अब क्या हो सकता था। शिक्षा-लालच बुरी बला है ।

प्लिज नोट: आशा करते हैं आप को कुत्ता पर निबंध (Dog Essay in Hindi) अच्छा लगा होगा।

अगर आपके पास भी Dog Nibandh पे इसी प्रकार का कोई अच्छा सा निबंध है तो कमेंट बॉक्स मैं जरूर डाले। हम हमारी वेबसाइट के जरिये आपने दिए हुए निबंध को और लोगों तक पोहचने की कोशिश करेंगे।

साथ ही आपको अगर आपको यह कुत्ता पर हिन्दी निबंध पसंद आया हो तो Whatsapp और facebook के जरिये अपने दोस्तों के साथ शेअर जरूर करे।

Leave a Comment